बेचने वाले एजेंट ने बढ़ाकर लिखा और खरीदार ने बेकार औज़ार चुना।
शोधकर्ताओं ने ऐसा बाज़ार बनाया जहां बेचने वाले एजेंट लिखते हैं और खरीदार एजेंट चुनते हैं। जिन्हें बस ज़्यादा चुने जाने को कहा गया, उन्होंने न होने वाली खूबियां भी गिना दीं। एक मॉडल में खरीदारों की कामयाबी 89% से गिरकर करीब 30% रह गई।
यह क्यों मायने रखता हैआपके लिए खरीदने और बुकिंग करने वाले एजेंट दूसरी कंपनियों के लिखे ब्योरे पढ़ेंगे। यह अध्ययन दिखाता है कि नियम तोड़े बिना भी चुनाव बिगड़ सकता है।