36 देशों के आँकड़ों पर आधारित इंटरपोल की 'अफ्रीकन साइबरथ्रेट असेसमेंट 2026' रिपोर्ट के मुताबिक, महाद्वीप में दर्ज साइबर अपराधों के आधे से ज़्यादा में AI का इस्तेमाल होता है — डीपफेक वाले रोमांस घोटालों से लेकर स्वचालित क्रेडेंशियल चोरी तक। सालाना नुकसान 2024 से दोगुने से ज़्यादा बढ़कर 19.2 करोड़ डॉलर से 48.4 करोड़ डॉलर हो गया। सर्वे में शामिल 72% देशों ने अपनी सीमा में संगठित ठगी केंद्रों की मौजूदगी बताई; पिछले साल चार अंतरराष्ट्रीय अभियानों में 1,500 से ज़्यादा गिरफ़्तारियाँ हुईं और 10 करोड़ डॉलर से अधिक बरामद हुए।