एनपीआर ने बुधवार को बताया कि सीनेट दफ्तरों को सिर्फ तीन मंजूर एआई चैट टूल इस्तेमाल करने की छूट है। सूची में माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट, गूगल जेमिनी और चैटजीपीटी एंटरप्राइज हैं, तीनों बुनियादी स्तर के। सदन की साइबर सुरक्षा देखने वाले अफसर ने किसी उन्नत एजेंट टूल को मंजूरी नहीं दी।