एजेंसी ने वह संघीय न्यूनतम नियम हटाने का प्रस्ताव रखा है जिसके तहत राज्य और स्थानीय वायु एजेंसियों को 'लघु स्रोत' वायु परमिट मंज़ूर करने से पहले सूचना प्रकाशित करनी और 30 दिन जन-टिप्पणी लेनी होती थी — यही श्रेणी उन बैकअप डीज़ल जनरेटरों और गैस टर्बाइनों को कवर करती है जो डेटा सेंटरों के साथ लगातार जोड़े जा रहे हैं। प्रस्ताव के अनुसार हर राज्य ख़ुद तय करेगा कि जनता को टिप्पणी का मौक़ा मिलेगा या नहीं, कब मिलेगा और कितने दिन; साथ ही छोटे निर्माण कार्यों की सूचना एजेंसी को देने की बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी। 800 से अधिक पूर्व एजेंसी वैज्ञानिकों और नीति कर्मियों के समूह Environmental Protection Network ने 21 अगस्त को इसके ख़िलाफ़ टिप्पणी दाख़िल की, यह तर्क देते हुए कि यह प्रशासक के अपने मार्च 2026 के उस ज्ञापन के विपरीत है जिसमें 'अधिकतम संभव जन-भागीदारी' का वादा था, और यह भी कि बड़ी सुविधाएँ अक्सर सख़्त समीक्षा से बचने के लिए ही लघु या कृत्रिम-लघु स्रोत के रूप में परमिट लेती हैं।