रॉयटर्स के अनुसार, भारत में गूगल का अब तक का सबसे बड़ा निवेश — अदानी समूह के साथ विशाखापत्तनम में बन रहा $15 अरब का डेटा-सेंटर कैंपस — निर्माण तेज होते ही सड़कों पर विरोध प्रदर्शनों और अदालती चुनौतियों का सामना कर रहा है। 25 लाख आबादी वाले इस शहर को 48 करोड़ लीटर की दैनिक मांग के मुकाबले पहले से ही सिर्फ करीब 41 करोड़ लीटर पानी मिलता है, और जनहित याचिकाओं का कहना है कि यह साइट तेंदुओं और पैंगोलिन के घर कंबालाकोंडा वन्यजीव अभयारण्य से महज 860 मीटर दूर है। गूगल का कहना है कि परियोजना लागू कानूनों का पालन करती है और स्थानीय जल स्रोतों की रक्षा के लिए उन्नत एयर कूलिंग का उपयोग करेगी।