अफ़सरों ने गिरफ़्तारी फ़िल्माने वालों को पलांतिर के डेटाबेस में डाला।
वायर्ड ने शुक्रवार को बताया कि गृह सुरक्षा अफ़सरों ने प्रवासी गिरफ़्तारियां देखने वालों की फ़ाइलें बनाईं। एक अफ़सर ने उनमें से दो को पुलिस के लिए ख़तरा लिखा और चेहरे एक खोज ऐप में चलाए। ये दावे एक मुक़दमे से आए हैं और विभाग इन्हें निराधार कहता है।
यह क्यों मायने रखता हैचेहरा खोज राह चलते आदमी की तस्वीर को टिकाऊ सरकारी फ़ाइल में बदल देती है। जांच के लिए बिके वही औज़ार अब प्रदर्शनों में लोगों की पहचान कर रहे हैं।