गूगल ने वह 890 मेगावाट बिजली खरीदी जो अभी बनी ही नहीं है।
गूगल ने मंगलवार को परमाणु कंपनी Constellation से 890 मेगावाट बिजली का सौदा किया। यह बिजली अभी नहीं बनती, कंपनी इसे अपने चालू रिएक्टरों को मज़बूत करके निकालेगी। बीस साल के सौदे से 4.3 अरब डॉलर का सुधार होगा, और 2,700 मेगावाट अलग से तय हुए।
यह क्यों मायने रखता हैडेटा सेंटर अब इतने बड़े हैं कि एक ही ग्राहक नई परमाणु क्षमता का खर्च उठा सकता है। ग्रिड वही है जिससे आपके घर बिजली आती है, और सुधरा हुआ कोई रिएक्टर अभी चालू नहीं है।