सरकार ने एक कोष के लिए 11 अरब डॉलर तय किए हैं, जिसमें एआई, चिप, ड्रोन और अंतरिक्ष शामिल हैं। एक उद्यम पूँजी संगठन ने सीएनबीसी को बताया कि निजी हिस्सेदारी जुड़ने पर रकम 25 अरब डॉलर के पास पहुँचेगी। पिछले पूरे दशक में भारत ने डीप टेक पर करीब 11.6 अरब डॉलर खर्च किए थे।